
शनिवार तड़के दुनिया तब सन्न रह गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दावा किया कि अमेरिकी Delta Force ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आवास से हिरासत में ले लिया है।
काराकास में विस्फोटों, सैन्य गतिविधियों और उड़ते लड़ाकू विमानों से जुड़ी रिपोर्ट्स ने वैश्विक बाजारों और कूटनीतिक गलियारों में हलचल जरूर मचा दी है।
यह सिर्फ लैटिन अमेरिका का संकट नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक भू-राजनीतिक टेस्ट बन चुका है—और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
India का ‘Wait & Watch’: खामोशी में छुपा गणित
जहां रूस और चीन ने अमेरिकी कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, वहीं भारत का रुख फिलहाल संतुलित और सतर्क नजर आता है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों के लिए Travel Advisory जारी की। वेनेजुएला की यात्रा से बचने की सलाह दी। लेकिन राजनीतिक बयान? बिल्कुल नहीं।
कूटनीति की भाषा में इसे कहते हैं—“बोलो मत, तौलो ज्यादा।”
Oil Politics: वेनेजुएला भारत के लिए क्यों मायने रखता है?
भारत और वेनेजुएला के रिश्तों की धुरी है—तेल। वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े proven oil reserves, ONGC Videsh और Reliance जैसी भारतीय कंपनियों का निवेश। कभी भारत के crude imports का अहम स्रोत। अगर अमेरिका वहां प्रभावी नियंत्रण स्थापित करता है, तो भारत को डर है कि उसके निवेश प्रभावित हो सकते हैं। सप्लाई चेन महंगी या अनिश्चित हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि आज भारत रूस, Middle East पर ज्यादा निर्भर है, इसलिए वेनेजुएला को लेकर वह अमेरिका से खुला टकराव नहीं चाहेगा।

America की ‘Strongman Policy’ vs India की Principle Diplomacy
ट्रंप प्रशासन मादुरो पर Narco-Terrorism ड्रग तस्करी जैसे आरोप लगा रहा है।
भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त रहा है, इसलिए वह इन दावों को सिरे से खारिज भी नहीं कर सकता। लेकिन भारत की विदेश नीति का मूल मंत्र रहा है— Sovereignty और Non-Interference
यहीं पर भारत फंसा है चीन को काउंटर करने के लिए अमेरिका जरूरी लेकिन साम्राज्यवादी हस्तक्षेप का खुला समर्थन भी मुश्किल।
आखिर India किसके साथ जाएगा?
विशेषज्ञों की राय में भारत सार्वजनिक रूप से अमेरिका का विरोध नहीं करेगा। लेकिन पर्दे के पीछे अपने energy और investment interests सुरक्षित रखने की कोशिश करेगा। UN जैसे मंचों पर peaceful resolution की बात करेगा।
5 जनवरी को UNSC बैठक में भारत का बयान उसकी असली रणनीति साफ कर सकता है।
Caracas Blasts के बाद Trump का बड़ा दावा: “Maduro Detained”
